MD ड्रग्स फैक्ट्री इसमें संचालित हो रही थी, राजस्थान CBN ने 21 किलो एमडी ड्रग्स और 30 किलो केमिकल जब्त किया है इसी घर से।
मन्दसौर में 'ब्रेकिंग बैड' स्टाइल में चल रही थी सीक्रेट ड्रग्स लैब! आधी रात को घेराबंदी कर उखाड़ा साम्राज्य!
CBN को पुख्ता और बेहद गोपनीय इनपुट मिला था कि मन्दसौर जिले के दलौदा तहसील के लसूड़िया ईला गांव के बाहरी इलाके में, खेती की जमीन पर बने एक सुनसान कमरे में अवैध रूप से मेफेड्रोन (एमडी ड्रग) बनाने का धंधा चल रहा है।
सूचना इतनी सटीक थी कि बिना वक्त गंवाए चित्तौड़गढ़ डिवीजन I, II और III के जांबाज अधिकारियों की एक ज्वाइंट टीम बनाई गई। जब टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। वहां बकायदा एक हाईटेक अवैध केमिकल लैब स्थापित की जा चुकी थी।
डेंजर ज़ोन में आधी रात को 'कमांडो एक्शन'
इलाके की संवेदनशीलता और वहां के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड (Notorious Background) को देखते हुए ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। जरा सी चूक और तस्कर फरार हो सकते थे। ऐसे में तुरंत बैकअप के लिए मध्य प्रदेश की CBN जावरा प्रिवेंटिव सेल को मौके पर बुलाया गया।
दोनों राज्यों की टीमों ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और तस्करों को हिलने तक का मौका नहीं दिया। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई और ड्रग्स बनाने के पूरे अवैध सेटअप को जड़ से उखाड़ फेंका गया।
क्या-क्या हुआ बरामद? (जब्ती की लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आप)
नशे के इस ठिकाने से जो सामान मिला है, वह किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट की तरफ इशारा करता है:
बरामद सामान मात्रा/वजन
मेफेड्रोन (Mephedrone - MD) 21.189 किलोग्राम (करोड़ों की कीमत)
अफीम (Opium) 0.487 किलोग्राम
अवैध केमिकल्स (HCL व अन्य लिक्विड) 30.800 लीटर
लैब और ड्रग्स बनाने के उपकरण 10 बड़े बैग (पूरा सेटअप जब्त)
मौके से 2 तस्कर दबोचे, उगलेंगे बड़े राज!-
इस काली फैक्ट्री को संचालित कर रहे दो मुख्य आरोपियों को मौके से ही रंगे हाथों दबोच लिया गया है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
बड़ी साजिश की बू: CBN अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ एक लैब नहीं थी, बल्कि एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क (Inter-State Network) का हिस्सा थी। अब जांच की सुई इस बात पर टिकी है कि इस लैब के लिए कच्चा केमिकल (प्रिकर्सर) कहाँ से आ रहा था, इसे फाइनेंस कौन कर रहा था और तैयार ड्रग्स किन-किन राज्यों के पब, क्लब और युवाओं तक पहुंचाई जानी थी।