रेत माफियाओं को तगड़ा झटका: प्रशासन का एक्शन, अवैध रूप से चल रही 4 नावें की गईं जल समाधि
-क्या अब चंबल नदी में उनकी 'नाव' पार नहीं लगेगी?
नीमच। गांधीसागर बांध के डूब क्षेत्र में अवैध रूप से राज चला रहे रेत माफियाओं पर प्रशासन का 'कहर' टूटा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने शुक्रवार को ग्राम खानखेड़ी के जीरो प्वाइंट पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां अवैध रूप से संचालित की जा रही दो विशाल फाइटर नावों और दो छोटी नावों को गैस कटर से काटकर जल समाधि दे दी गई।
कार्रवाई देख सन्न रह गए माफिया:-
शुक्रवार को जैसे ही एडीएम बी.एस. कलेश और मनासा एसडीएम किरण आंजना के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, हड़कंप मच गया। तहसीलदार मुकेश निगम, नायब तहसीलदार नवीन छलोत्रे और खनिज अधिकारी गजेंद्र डाबर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बिना किसी देरी के अवैध नावों को निशाना बनाया। देखते ही देखते गैस कटर की चिंगारियों के बीच माफियाओं की कमर तोड़ने वाली इन नावों को टुकड़ों में तब्दील कर दिया गया और फिर उन्हें गहरे पानी में डुबो दिया गया।
लगातार शिकायतों के बाद एक्शन:-
सूत्रों की मानें तो गांधीसागर डूब क्षेत्र में इन नावों के जरिए अवैध परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। माफिया बेखौफ होकर नियमों को ताक पर रख रहे थे, लेकिन शुक्रवार को प्रशासन ने अपनी ताकत दिखाई।
अधिकारियों का संदेश:
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान प्रभारी खनिज निरीक्षक सुनील यादव समेत राजस्व और खनिज विभाग का पूरा अमला मुस्तैद रहा। नायब तहसीलदार नवीन छलोत्रे ने स्पष्ट किया कि डूब क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की यह कार्रवाई माफियाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि अब चंबल नदी में उनकी 'नाव' पार नहीं लगेगी।