उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद बाबा श्री महाकाल के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। आस्था के साथ दान का प्रवाह भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में महाकाल मंदिर समिति को अब तक की सबसे बड़ी 144 करोड़ रुपये की आय हुई है। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ लड्डू प्रसादी से ही 65 करोड़ रुपये की आय हुई है, जो बीते छह वर्षों में सबसे अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में मंदिर की आय में इस वर्ष करीब 27 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।