नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच कलेक्टर कार्यालय में आज उस समय अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सबके होश उड़ गए, जब एक पीड़ित किसान अपने गले में जूतों की माला पहनकर सीधे जनसुनवाई में दाखिल हो गया। जिसने भी यह नजारा देखा, वह सन्न रह गया। दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर चप्पलें घिस चुके किसान का यह अनोखा और उग्र विरोध अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
वर्दी के रसूख पर गंभीर आरोप: पुलिसकर्मी पर कब्जा करने का दावा!
मामला ग्राम सावन का है। पीड़ित किसान प्रकाश मालवीय ने किसी और पर नहीं, बल्कि पुलिस विभाग में तैनात राहुल गुर्जर (पुलिस नीमच) पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पुलिसकर्मी राहुल गुर्जर और उसके कुछ साथियों ने उसकी पुश्तैनी कृषि भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया।
मिट्टी का अवैध उत्खनन और फसल की बर्बादी!
कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत में पीड़ित प्रकाश मालवीय ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने न सिर्फ उसकी जमीन को अपने कब्जे में लिया, बल्कि जेसीबी और ट्रैक्टरों के जरिए वहां से मिट्टी का अंधाधुंध अवैध उत्खनन भी कर डाला। इस गुंडागर्दी के कारण किसान की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई और जमीन को भारी नुकसान पहुंचा है।
"जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो न्याय की गुहार किससे लगाएं?"
किसान प्रकाश मालवीय का दर्द कलेक्ट्रेट परिसर में छलक पड़ा। पीड़ित का कहना है कि वह न्याय के लिए कई बार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा चुका है, लेकिन पुलिसिया रसूख और रक्षक के ही भक्षक बन जाने के कारण उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, व्यवस्था से तंग आकर और अपनी बेबसी का ढिंढोरा पीटने के लिए उसे अपने गले में जूतों की माला डालनी पड़ी।
किसान ने कलेक्टर से लगाई न्याय की अंतिम गुहार
जूतों की माला पहने किसान ने कलेक्टर के सामने पेश होकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने, अपनी जमीन से अवैध कब्जा तुरंत हटवाने और भूमि को उसकी वास्तविक स्थिति में बहाल कराने की पुरजोर मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल और हैरान कर देने वाले विरोध प्रदर्शन के बाद नीमच प्रशासन इस दबंग पुलिसकर्मी पर क्या एक्शन लेता है, या फिर पीड़ित अन्नदाता को न्याय के लिए और भटकना पड़ेगा!