किसान ने लगाए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप
शिकायतकर्ता नरेन्द्रसिंह पिता भंवरसिंह चौहान निवासी ग्राम महागढ़ ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनके नाम पर गांव में कृषि भूमि दर्ज है, जिसका वे वर्षों से उपयोग कर रहे हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही नारायणसिंह पिता भीमसिंह राजपूत ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन पर नकली हस्ताक्षर कर सहकारी सोसायटी महागढ़ से लेन-देन किया।
पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उनके नाम से करीब 2 लाख रुपए की राशि निकाली। इसके अलावा खाद और बीज भी प्राप्त किए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरे मामले से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है।
1 जून को मनासा थाने में दिया गया आवेदन
जानकारी के अनुसार पीड़ित द्वारा यह आवेदन 1 जून 2026 को थाना मनासा में प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी प्रकार की गिरफ्तारी या प्रकरण दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आवेदन में लगाए गए आरोपों, दस्तावेजों और सोसायटी रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर हस्ताक्षरों और दस्तावेजों का सत्यापन भी कराया जा सकता है।
संस्था प्रबंधक ने कही जांच की बात
मामले को लेकर सहकारी संस्था महागढ़ के प्रबंधक दशरथ सिंह ने बताया कि पूर्व में भंवर सिंह राजपूत ही नरेन्द्र सिंह राजपूत के खाद-बीज और अन्य लेन-देन से जुड़े कार्य सोसायटी में किया करते थे। वर्तमान में दोनों पक्षों के संबंध खराब होने के कारण विवाद की स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा कि यदि राशि निकाले जाने की बात सामने आती है तो मामले की जांच करवाई जाएगी। संस्था प्रबंधन ने भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल महागढ़ सोसायटी फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस जांच जारी है। अभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।